दरभंगा के ऐतिहासिक गंगासागर, दिग्घी एवं हराही पोखरों के संरक्षण की दिशा में बड़ी प्रगति: गंगासागर एवं दिग्घी पोखर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू

दरभंगा के ऐतिहासिक गंगासागर, दिग्घी एवं हराही पोखरों के संरक्षण की दिशा में बड़ी प्रगति – गंगासागर एवं दिग्घी पोखर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई

दरभंगा के ऐतिहासिक जलाशयों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम

दरभंगा के ऐतिहासिक गंगासागर, दिग्घी एवं हराही पोखरों के संरक्षण से जुड़े लंबे समय से लंबित पर्यावरणीय प्रकरण के बीच जिला प्रशासन ने गंगासागर एवं दिग्घी पोखर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रारम्भ कर दी है। विभिन्न समाचार माध्यमों के अनुसार यह अभियान प्रशासन द्वारा चिन्हित अतिक्रमणों को हटाने तथा ऐतिहासिक जलाशयों के संरक्षण की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।


वर्षों से चल रहा है ऐतिहासिक तालाबों के संरक्षण का अभियान

दरभंगा के गंगासागर, दिग्घी एवं हराही पोखर शहर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय विरासत के महत्वपूर्ण जलाशय हैं। समय के साथ इन तालाबों पर हुए अतिक्रमण, सिकुड़ते क्षेत्रफल तथा संरक्षण के अभाव को लेकर स्थानीय नागरिकों एवं पर्यावरण प्रेमियों द्वारा लगातार चिंता व्यक्त की जाती रही है।

इन्हीं परिस्थितियों में इन ऐतिहासिक जलाशयों के संरक्षण, पुनर्जीवन एवं अतिक्रमण मुक्त कराने के उद्देश्य से तलाब बचाओ अभियान (TBA) प्रारम्भ किया गया। अभियान के संयोजक श्री नारायण जी चौधरी पिछले कई वर्षों से इस विषय को जनहित के मुद्दे के रूप में निरंतर उठाते रहे हैं तथा ऐतिहासिक तालाबों के संरक्षण के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयासरत हैं।


राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के समक्ष लंबित है महत्वपूर्ण पर्यावरणीय प्रकरण

गंगासागर, दिग्घी एवं हराही पोखर के संरक्षण, अतिक्रमण हटाने, सीमांकन एवं पुनर्स्थापन से संबंधित मामला पिछले कई वर्षों से राष्ट्रीय हरित अधिकरण (National Green Tribunal – NGT) के समक्ष विचाराधीन है।

इस जनहित प्रकरण में तलाब बचाओ अभियान (TBA) की ओर से अधिवक्ता श्री कमलेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में Corpus Juris India द्वारा विधिक प्रतिनिधित्व प्रदान किया जा रहा है। वहीं श्री नारायण जी चौधरी, तलाब बचाओ अभियान के संयोजक के रूप में इस जनहित आंदोलन का निरंतर नेतृत्व कर रहे हैं।

NGT के समक्ष इस मामले में समय-समय पर सुनवाई होती रही है, जिसमें ऐतिहासिक जलाशयों के संरक्षण, अतिक्रमण हटाने तथा संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार किया गया है।


प्रशासन ने शुरू किया अतिक्रमण हटाने का अभियान

23 जुलाई 2026 को प्रकाशित समाचारों के अनुसार जिला प्रशासन ने गंगासागर एवं दिग्घी पोखर क्षेत्र में चिन्हित अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई प्रारम्भ कर दी। प्रशासन द्वारा आवश्यक मशीनरी, राजस्व अधिकारियों, नगर निगम तथा पुलिस बल की उपस्थिति में अभियान चलाया गया।

समाचारों के अनुसार कई स्थानों पर अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की गई तथा संबंधित क्षेत्रों को अतिक्रमणमुक्त कराने की प्रक्रिया प्रारम्भ हुई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह अभियान चरणबद्ध रूप से आगे भी जारी रहेगा, ताकि सार्वजनिक भूमि एवं ऐतिहासिक जलाशयों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।


पर्यावरण संरक्षण एवं सार्वजनिक हित से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय

गंगासागर, दिग्घी एवं हराही पोखर केवल जलाशय नहीं हैं, बल्कि दरभंगा की ऐतिहासिक पहचान एवं प्राकृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनका संरक्षण भूजल पुनर्भरण, वर्षा जल संचयन, शहरी जल निकासी व्यवस्था, जैव विविधता तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक माना जाता है।

ऐतिहासिक जलाशयों को अतिक्रमण से मुक्त कर उनका संरक्षण करना केवल पर्यावरण संरक्षण का विषय नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक हित, सांस्कृतिक विरासत तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने से भी जुड़ा हुआ है।


आगे की राह

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के समक्ष यह प्रकरण अभी भी विचाराधीन है। प्रशासन द्वारा प्रारम्भ की गई वर्तमान कार्रवाई को ऐतिहासिक तालाबों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति के रूप में देखा जा रहा है। आगामी न्यायिक कार्यवाही, प्रशासनिक अनुपालन तथा संरक्षण संबंधी अन्य कदम इस विषय की आगे की दिशा निर्धारित करेंगे।

ऐतिहासिक जलाशयों का संरक्षण केवल प्रशासन अथवा न्यायालय की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी का भी विषय है। ऐसे प्रयास दरभंगा की ऐतिहासिक एवं पर्यावरणीय विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


प्रमुख घटनाक्रम (Case Timeline)

अवधिघटनाक्रम
पिछले कई वर्षों सेगंगासागर, दिग्घी एवं हराही पोखर के संरक्षण हेतु तलाब बचाओ अभियान (TBA) द्वारा जन-जागरूकता एवं संरक्षण अभियान प्रारम्भ
इसके उपरांतऐतिहासिक तालाबों के संरक्षण का मामला राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के समक्ष पहुँचा
विभिन्न चरणों मेंNGT के समक्ष सुनवाई एवं संरक्षण संबंधी कार्यवाही जारी रही
23 जुलाई 2026दरभंगा जिला प्रशासन द्वारा गंगासागर एवं दिग्घी पोखर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रारम्भ
आगामी चरणNGT के समक्ष प्रकरण विचाराधीन; न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्यवाही जारी

प्रमुख बिंदु

  • दरभंगा में गंगासागर एवं दिग्घी पोखर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रारम्भ।
  • गंगासागर, दिग्घी एवं हराही पोखर के संरक्षण से संबंधित मामला NGT के समक्ष लंबित।
  • तलाब बचाओ अभियान (TBA) कई वर्षों से ऐतिहासिक तालाबों के संरक्षण के लिए सक्रिय।
  • अभियान का संचालन श्री नारायण जी चौधरी के नेतृत्व में किया जा रहा है।
  • अधिवक्ता श्री कमलेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में Corpus Juris India द्वारा NGT के समक्ष तलाब बचाओ अभियान (TBA) की ओर से विधिक प्रतिनिधित्व प्रदान किया जा रहा है।
  • प्रशासनिक कार्रवाई ऐतिहासिक जलाशयों के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

समाचार स्रोत

Hindustan News Link – 22.07.2026

Prabhat Khabar News Link– 22.07.2026


राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के आदेश के अनुपालन में दिग्घी एवं गंगासागर पोखर क्षेत्र में अवैध निर्माण हटाने हेतु जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान से संबंधित प्रकाशित समाचार।


NGT के आदेश पर दरभंगा के दिग्घी एवं गंगासागर पोखर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई संबंधी समाचार रिपोर्ट

प्रकटीकरण (Disclosure)

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के समक्ष लंबित इस प्रकरण में अधिवक्ता श्री कमलेश कुमार मिश्रा के माध्यम से Corpus Juris India, तलाब बचाओ अभियान (TBA) को विधिक सेवाएँ प्रदान कर रही है। इस लेख का उद्देश्य उपलब्ध समाचारों एवं न्यायिक घटनाक्रमों की तथ्यात्मक जानकारी साझा करना है।

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